पद
Class 9 · Hindi · 19 Questions
"प्रभु जी तुम चंदन हम पानी" पंक्ति में आराध्य और भक्त का संबंध किस रूप में व्यक्त हुआ है?
"तुम दीपक, हम बाती" से रैदास का क्या भाव है?
नीचे दी गई पंक्तियों का अर्थ समझाते हुए भाव स्पष्ट कीजिए— "प्रभु जी तुम घन बन, हम मोरा, जैसे चितवत चंद चकोरा।"
कल्पना कीजिए कि पद में आई उपमाओं के आधार पर भक्त और आराध्य आपस में बात कर रहे हैं। इस दृश्य को आधार बनाकर संवाद-लेखन कीजिए।
अब अपनी कक्षा में चर्चा कीजिए और बताइए कि रैदास तथा नामदेव के पदों में क्या-क्या अंतर है और क्या-क्या समानताएँ हैं?
"अब कैसे छूटे राम रट लागी" पंक्ति का भाव है?
"जो तुम तोरौ राम मैं नहिं तोरौ" पंक्ति में रैदास की अपने आराध्य में अटूट निष्ठा का भाव है। इससे आप क्या समझते हैं? विस्तार से लिखिए।
नीचे दी गई पंक्तियों का अर्थ समझाते हुए भाव स्पष्ट कीजिए— "तीरथ बरत न करूँ अंदेसा, तुम्हरे चरन कमल एक भरोसां।"
"जो तुम तोरो राम मैं नहीं तोरो" पंक्ति में रैदास का क्या आशय है?
"तीर्थ बरत न करूं अंदेसा" पंक्ति से आप क्या समझते हैं?
सर्वव्यापक ईश्वर की अवधारणा किस पंक्ति में व्यक्त होती है?
रैदास ने तीर्थ और व्रत के स्थान पर किस साधन को भक्ति का प्रमुख आधार माना है? आपके विचार से भक्ति के क्या आधार हो सकते हैं?
दोनों पदों में भक्त और आराध्य के संबंध को किन-किन प्रतीकों/उपमाओं से व्यक्त किया गया है? लिखिए।
अब आप अपनी पाठ्यपुस्तक में सम्मिलित कविताओं में अनुप्रास, उपमा और रूपक अलंकार वाली अन्य पंक्तियों को ढूँढकर लिखिए।
नीचे दी गई सूची को ध्यान से देखिए। इस सूची में रैदास के दोनों पदों से कुछ विशेषताएँ चुनकर दी गई हैं। पदों में से चुनकर इन विशेषताओं को दर्शाती पंक्तियाँ लिखिए। (विशेषताएँ: अनन्य भक्ति भाव, सरल और लोकधर्मी भाषा, उपमा और तुलना, लयात्मकता और गेयता/ध्वन्यात्मकता, दृढ़ निष्ठा और आस्था)
तीर्थ और व्रत के स्थान पर रैदास ने आराध्य की भक्ति को प्रधान माना है। भक्तिकाल के कवि रैदास की तरह कबीर भी निराकार आराध्य की भक्ति पर बल देते हैं। तत्कालीन सामाजिक, सांस्कृतिक परिस्थितियों के आधार पर बताइए कि इसके क्या कारण हो सकते हैं? (संकेत- आप अपने सामाजिक विज्ञान के शिक्षक की सहायता भी ले सकते हैं।)
पठित पदों में से संज्ञा और सर्वनाम के तीन-तीन उदाहरण ढूँढकर लिखिए।
रैदास के इन दोनों पदों में बहुत से ऐसे शब्द प्रयुक्त हुए हैं जिनके स्थान पर अन्य शब्दों का प्रयोग होता है। नीचे सूची में दिए गए शब्दों को देखिए। आप या आपके आस-पास के लोग इन शब्दों के लिए किन अन्य शब्दों का प्रयोग करते हैं? लिखिए। (मोरा, चकोरा, बाती, राती, सोने, तीरथ, बरत)
"जो तुम तोरो राम मैं नहिं तोरो" पंक्ति को आधार बनाकर अटूट मित्रता पर एक लघुकथा तैयार कीजिए।