लेखक के अनुसार वृद्ध और तरुण दोनों ही वर्तमान से असंतुष्ट रहते हैं, पर दोनों की असंतुष्टि के कारण भिन्न हैं। आपके विचार से उनकी असंतुष्टि के क्या-क्या कारण हो सकते हैं?
लेखक के अनुसार, वृद्ध और तरुण दोनों ही वर्तमान से असंतुष्ट रहते हैं, परंतु उनकी असंतुष्टि के कारण भिन्न हैं।
तरुणों की असंतुष्टि के कारण: तरुण क्रांति के समर्थक होते हैं। उनमें समस्याओं के प्रति आक्रोश की भावना प्रबल होती है। वे वर्तमान की धीमी प्रक्रियाओं से असंतुष्ट हैं और समस्या समाधान के लिए बातचीत के बजाय त्वरित निर्णय लेना चाहते हैं। उनकी अभिलाषा भविष्य को लेकर होती है, जिससे वे उज्ज्वल भविष्य के स्वप्न देखते हैं और वर्तमान से असंतुष्ट रहते हैं।
वृद्धों की असंतुष्टि के कारण: वृद्ध अतीत गौरव के संरक्षक होते हैं। वे अपने अनुभव और परंपरागत ढंग पर विश्वास करते हैं। वर्तमान में उन्हें अतीत का गौरव नज़र नहीं आता, इसलिए वे वर्तमान से असंतुष्ट रहते हैं। उनके लिए अतीत सुखद होता है और वे अतीत के स्वप्न देखते हैं।
दोनों की असंतुष्टि का एक मूल कारण यह है कि "दूर के ढोल सुहावने होते हैं"। तरुणों के लिए भविष्य और वृद्धों के लिए अतीत दूर होने के कारण सुखद प्रतीत होता है, जिससे वर्तमान दोनों को असंतोषजनक लगता है।
Explanation
The answer is derived directly from the provided context. The text highlights that the young ('तरुण') are supporters of revolution, driven by outrage and a desire for quick decisions, looking towards a bright future (driven by 'अभिलाषा'). In contrast, the old ('वृद्ध') are protectors of past glory, relying on experience and traditional methods, finding the past pleasant ('अनुभव'). Both are dissatisfied with the present because distant things (future for the young, past for the old) seem sweeter, as explained by the proverb 'दूर के ढोल सुहावने होते हैं'.