Question 36 of 39beginner🔧 ApplyShort Answer3 marks

आप भी अनेक अवसरों पर बिना शब्दों का उच्चारण किए संवाद करते हैं। कब-कब? कहाँ-कहाँ? कुछ उदाहरण लिखिए।

Correct Answer

हम अनेक अवसरों पर बिना शब्दों के मूक-भाषा और भारतीय सांकेतिक भाषा के माध्यम से संवाद करते हैं। यह हम तब करते हैं जब बोलकर बात करना संभव या उचित न हो।

हम भारतीय सांकेतिक भाषा का प्रयोग उन लोगों से बातचीत करने के लिए करते हैं जो सुन या बोल नहीं सकते। इससे हम उनके साथ आसानी से विचार-विनिमय कर पाते हैं।

अन्य अवसर वे हैं जहाँ शांति आवश्यक हो, जैसे पुस्तकालय में या परीक्षा कक्ष में। वहाँ हम सिर हिलाने, हाथ के इशारों या आँखों के संकेतों से मूक-भाषा में संवाद करते हैं। इस प्रकार, बिना शब्दों के भी हम अपने भाव स्पष्ट कर लेते हैं।

Exercise: अलग-अलग और साथ-साथ | Q: 5 | (Chapter: 23)
For More Understanding

Explanation

पाठ्यसमग्र में 'मूक-भाषा' और 'भारतीय सांकेतिक भाषा' का उल्लेख किया गया है। यह प्रश्न विद्यार्थियों के व्यक्तिगत अनुभवों पर आधारित है, जिसमें उनसे बिना शब्दों के संवाद करने के अवसरों और स्थानों के उदाहरण माँगे गए हैं। उत्तर में इन दोनों भाषाओं के प्रयोग के उदाहरण दिए गए हैं, जैसे बहरे-गूँगे लोगों से सांकेतिक भाषा में बात करना और शांत रहने वाले स्थानों पर इशारों से संवाद करना।