आपने जो कहानी पढ़ी है, इसका नाम प्रेमचंद ने 'परीक्षा' रखा है। अपने समूह में चर्चा करके लिखिए कि उन्होंने इस कहानी का यह नाम क्यों दिया होगा? अपने उत्तर के कारण भी लिखिए।
प्रेमचंद ने इस कहानी का नाम 'परीक्षा' इसलिए रखा क्योंकि इस कहानी में दीवान के उत्तराधिकारी के चुनाव के लिए एक विशेष परीक्षा ली गई थी।
यह परीक्षा साधारण लिखित परीक्षा नहीं थी, बल्कि चरित्र और गुणों की परीक्षा थी।
उम्मीदवारों को एक महीने तक देखा गया और अंत में वह व्यक्ति चुना गया जिसके हृदय में दया और आत्मबल था।
यह परीक्षा व्यक्ति के असली चरित्र की परीक्षा थी, न कि उसकी विद्या या पदवी की।
Explanation
कहानी में दीवान पद के लिए उम्मीदवारों की परीक्षा ली जाती है। यह परीक्षा उनके आचार-विचार, रहन-सहन और चरित्र की होती है। अंत में जो व्यक्ति सफल होता है वह अपने गुणों के कारण सफल होता है, न कि अपनी विद्या या पदवी के कारण।
Solution Steps
कहानी का नाम 'परीक्षा' इसलिए रखा गया क्योंकि दीवान के उत्तराधिकारी के चुनाव के लिए विशेष परीक्षा ली गई थी
यह साधारण लिखित परीक्षा नहीं, बल्कि चरित्र और गुणों की परीक्षा थी
उम्मीदवारों को एक महीने तक देखा गया और दया व आत्मबल वाले व्यक्ति को चुना गया
यह परीक्षा असली चरित्र की थी, न कि विद्या या पदवी की