कहानी पढ़कर आप बाबा भारती के जीवन के विषय में बहुत कुछ जान चुके हैं। अब आप कहानी के आधार पर बाबा भारती की दिनचर्या लिखिए। वे सुबह उठने से लेकर रात को सोने तक क्या-क्या करते होंगे, लिखिए। इस काम में आप थोड़ा-बहुत अपनी कल्पना का सहारा भी ले सकते हैं।
बाबा भारती की दिनचर्या इस प्रकार होगी। वे नगर के जीवन से घृणा करते थे और गाँव से बाहर एक छोटे मंदिर में रहते थे।
प्रातःकाल वे ठंडे जल से स्नान करते और भगवान का भजन करते।
भजन के बाद वे अपने घोड़े सुलतान को खुद दाना खिलाते, उसे खरहरा करते और उसकी देखभाल करते।
दोपहर में वे मंदिर में रहकर भजन-भक्ति करते।
संध्या समय वे सुलतान पर सवार होकर आठ-दस मील का चक्कर लगाते।
रात को वे अस्तबल की रखवाली करते और सोते।
Explanation
कहानी में बाबा भारती की दिनचर्या का वर्णन है। वे प्रातः स्नान करके भजन करते, घोड़े की देखभाल करते, संध्या में घोड़े पर चढ़कर घूमते और रात में अस्तबल की रखवाली करते।
Solution Steps
बाबा भारती नगर के जीवन से घृणा करते थे और गाँव से बाहर छोटे मंदिर में रहते थे।
प्रातःकाल ठंडे जल से स्नान करके भगवान का भजन करते थे।
भजन के बाद अपने घोड़े सुलतान को दाना खिलाते और उसकी देखभाल करते थे।
दोपहर में मंदिर में रहकर भजन-भक्ति करते थे।
संध्या समय सुलतान पर सवार होकर आठ-दस मील का चक्कर लगाते थे।
रात को अस्तबल की रखवाली करते और सोते थे।