Question 20 of 30intermediate⚖️ EvaluateShort Answer2 marks
कहानी में मदन की कविता को विचित्र कहा गया है। क्या आपको भी ऐसा ही लगता है? कारण सहित लिखिए।
Correct Answer
हाँ, मदन की कविता विचित्र है।
इसके शब्द अजीब हैं जैसे 'खुदुर-खुदुर', 'सुरुर-सुरुर', 'ताक-झाँक', 'सरक-सरक'। इन शब्दों का कोई स्पष्ट अर्थ नहीं है।
कविता की पंक्तियाँ आपस में जुड़ी नहीं हैं और इनका कोई विषय नहीं है।
मदन ने रास्ते में जो कुछ भी देखा, उसी से कविता बना डाली।
Exercise: सोचिए और लिखिए | Q: 3 | (Chapter: पृष्ठ 134)
For More Understanding
Explanation
अध्याय में बताया गया है कि राजमहल में सुनने वाले एक-दूसरे का मुँह ताकने लगे क्योंकि कविता का अर्थ समझ में नहीं आ रहा था। राजा को भी यह पहेली जैसी लगी।
Solution Steps
मदन की कविता विचित्र है क्योंकि इसके शब्द अजीब हैं
शब्दों जैसे 'खुदुर-खुदुर', 'सुरुर-सुरुर' का कोई स्पष्ट अर्थ नहीं है
कविता की पंक्तियाँ आपस में जुड़ी नहीं हैं
कविता का कोई निश्चित विषय नहीं है
मदन ने रास्ते में देखी वस्तुओं से ही कविता बना डाली