लेखक ने 'रीढ़ की हड्डी' शब्द को एकांकी के शीर्षक के रूप में क्यों चुना होगा? यदि आप इस एकांकी का दूसरा शीर्षक रखना चाहें, जो इसकी मुख्य बात को दर्शाए, तो वह क्या होगा और क्यों?
(i) लेखक ने 'रीढ़ की हड्डी' शब्द को एकांकी का शीर्षक इसलिए चुना होगा क्य�ोंकि यह शब्द यहाँ आत्म-सम्मान और नैतिक दृढ़ता का प्रतीक है। एकांकी के पात्रों में इन गुणों की कमी है, जिसे यह शीर्षक स्पष्ट करता है।
इस एकांकी में समाज की अनुचित मान्यताओं पर व्यंग्य किया गया है। पात्रों में नैतिक साहस की कमी और चारित्रिक दुर्बलता पाई जाती है। शंकर के द्वारा कहा गया वाक्य भी इसी दुर्बलता को उजागर करता है कि कैसे लोगों में रीढ़ की हड्डी यानी स्वाभिमान की कमी है। शीर्षक पात्रों की इसी खोखलेपन को दर्शाता है।
(ii) यदि मैं इस एकांकी का दूसरा शीर्षक रखूँ, तो वह 'समाज की अनुचित मान्यताएँ' होगा।
यह शीर्षक इसलिए उपयुक्त होगा क्योंकि इस एकांकी की मुख्य बात समाज की उन गलत परंपराओं और मान्यताओं पर प्रहार करना है, जो मनुष्य को नैतिक रूप से दुर्बल बना देती हैं। यह शीर्षक एकांकी के मुख्य विचार और व्यंग्य को सीधे तौर पर प्रकट करता है।
Explanation
The answer is derived directly from the provided context. The context's MCQ section clarifies that 'रीढ़ की हड्डी' symbolizes 'आत्म-सम्मान और नैतिक दृढ़ता' (self-respect and moral firmness), the play satirizes 'समाज की अनुचित मान्यताओं' (society's inappropriate beliefs), and Shankar's dialogue highlights 'नैतिक साहस की कमी और चारित्रिक दुर्बलता' (lack of moral courage and character weakness). The alternative title is chosen based on the core theme of satire on society's inappropriate beliefs, making it a fitting summary of the play's main idea.