Question 30 of 37intermediate🔧 ApplyEssay3 marks

उपर्युक्त पत्र में नेताजी सुभाषचंद्र बोस ने गृह एवं कुटीर उद्योग की बात की है। यह पत्र देश की स्वतंत्रता से पहले लिखा गया था। अपने आस-पास के गृह एवं कुटीर उद्योगों के विषय में अपने साथियों के साथ चर्चा कीजिए।

Correct Answer

छात्र अपने आस-पास के गृह एवं कुटीर उद्योगों के बारे में चर्चा करेंगे।

इनमें हाथ से बने कपड़े (खादी), मिट्टी के बर्तन, लोहे के सामान, बाँस की टोकरियाँ, चमड़े के जूते, हाथ से बनी चायपत्ती, गुड़ निर्माण, दूध उत्पाद, चिकन कढ़ाई, कश्मीरी शॉल, बंगाल की कढ़ाई, राजस्थान की पाटा छपाई आदि शामिल हो सकते हैं।

नेताजी ने सीप के बटन बनाने, मिट्टी के खिलौने बनाने जैसे गृह उद्योगों की बात की थी जो गरीब परिवारों को आय बढ़ाने में मदद करते थे।

Exercise: साथी समझ | Q: 36 | (Chapter: पृष्ठ 150)
For More Understanding

Explanation

यह चर्चा गतिविधि छात्रों को गृह और कुटीर उद्योगों के महत्व को समझने में मदद करती है। नेताजी के पत्र में इन उद्योगों का उल्लेख है।

Solution Steps

  1. छात्र अपने आस-पास के गृह एवं कुटीर उद्योगों के बारे में चर्चा करेंगे

  2. विभिन्न गृह एवं कुटीर उद्योगों की पहचान: खादी, मिट्टी के बर्तन, लोहे के सामान, बाँस की टोकरियाँ, चमड़े के जूते, चायपत्ती, गुड़ निर्माण, दूध उत्पाद, चिकन कढ़ाई, कश्मीरी शॉल, बंगाल की कढ़ाई, राजस्थान की पाटा छपाई

  3. नेताजी द्वारा उल्लिखित गृह उद्योग: सीप के बटन बनाना, मिट्टी के खिलौने बनाना

  4. इन उद्योगों का उद्देश्य: गरीब परिवारों की आय बढ़ाना