Question 6 of 37intermediate🔍 AnalyzeShort Answer2 marks
"उस समाज में व्यक्ति सब दृष्टियों से मुक्त हो", सुभाषचंद्र बोस ने किन-किन दृष्टियों से मुक्ति की बात की होगी?
Correct Answer
सुभाषचंद्र बोस ने जातिभेद, वर्णभेद, धर्मभेद, लिंगभेद, आर्थिक विषमता, सामाजिक दबाव, अशिक्षा और पराधीनता जैसी दृष्टियों से मुक्ति की बात की होगी।
वे ऐसे समाज की कल्पना करते थे जहाँ व्यक्ति किसी भी प्रकार के बंधन से मुक्त होकर अपनी क्षमता के अनुसार विकास कर सके।
Exercise: अनुमान और कल्पना से | Q: 14 | (Chapter: पृष्ठ 144)
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Explanation
पाठ में नेताजी ने विभिन्न प्रकार की मुक्तियों का उल्लेख किया है - जातिभेद से मुक्ति, सामाजिक दबाव से मुक्ति, आर्थिक विषमता से मुक्ति आदि।
Solution Steps
जातिभेद से मुक्ति
वर्णभेद से मुक्ति
धर्मभेद से मुक्ति
लिंगभेद से मुक्ति
आर्थिक विषमता से मुक्ति
सामाजिक दबाव से मुक्ति
अशिक्षा से मुक्ति
पराधीनता से मुक्ति