Question 15 of 31intermediate💡 UnderstandShort Answer2 marks

'संसार-संग' चलने से आप क्या समझते हैं? जो व्यक्ति 'संसार-संग' नहीं चलता, संसार उसका क्यों नहीं हो पाता है?

Correct Answer

'संसार-संग' चलने का अर्थ है समाज के साथ मिलकर चलना, सामाजिक सरोकारों के प्रति संवेदनशील होना और समाज की प्रगति में योगदान देना।

जो व्यक्ति संसार के साथ नहीं चलता, वह स्वार्थी और एकाकी बन जाता है। ऐसा व्यक्ति समाज से अलग हो जाता है और उसका संसार नहीं बन पाता क्योंकि संसार सामूहिकता का प्रतीक है।

जो व्यक्ति समाज से पृथक् रहता है, वह सामाजिक संबंधों और जिम्मेदारियों से मुक्त रहता है, जिससे उसका जीवन अधूरा रहता है।

Exercise: सोच-विचार के लिए | Q: 2 | (Chapter: Page 5)
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Explanation

कवि कहते हैं कि जो व्यक्ति समाज के साथ नहीं चलता, उसका कोई संसार नहीं होता। संसार का अर्थ है सामाजिक संबंध और सामूहिकता।

Solution Steps

  1. 'संसार-संग' चलने का अर्थ - समाज के साथ मिलकर चलना

  2. सामाजिक सरोकारों के प्रति संवेदनशील होना

  3. समाज की प्रगति में योगदान देना

  4. जो व्यक्ति संसार के साथ नहीं चलता - स्वार्थी और एकाकी बन जाता है

  5. संसार सामूहिकता का प्रतीक है

  6. समाज से पृथक् व्यक्ति का जीवन अधूरा रहता है