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जिस समय आकाश में हंस को तीर लगा उस समय उसके अन्य साथियों ने आपस में क्या बातें की होंगी?

Correct Answer

जिस समय आकाश में हंस को तीर लगा, उस समय उसके अन्य साथियों ने बहुत चिंता और भय व्यक्त किया होगा। वे एक-दूसरे से कहते होंगे— "अरे! हमारे साथी को तीर लग गया, वह घायल होकर नीचे गिर रहा है!" कोई कहता होगा— "यह तीर किसने मारा? वह इंसान बहुत क्रूर है!" दूसरा साथी डरते हुए कहता होगा— "हमें यहाँ से जल्दी उड़कर भागना चाहिए, वरना हमें भी तीर मार दिया जाएगा!" कोई उदास होकर कहता होगा— "काश हम अपने साथी की मदद कर सकते!" और कोई आशा लगाते हुए कहता होगा— "देखो, वह सिद्धार्थ नाम का बच्चा हमारे साथी को बचा रहा है, शायद वह जी जाए!"

Exercise: अनुमान और कल्पना | Q: 1 | (Chapter: 111)
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Explanation

यह प्रश्न 'अनुमान और कल्पना' खंड का है, जिसमें विद्यार्थियों से कहानी की स्थिति के आधार पर कल्पना करने को कहा गया है। पाठ में हंस को देवदत्त का तीर लगता है और वह घायल होकर गिरता है। सिद्धार्थ उसे बचाते हैं। इस स्थिति में अन्य हंसों की प्रतिक्रिया स्वाभाविक रूप से भय, चिंता और अपने साथी के प्रति चिंता होगी। वे डरते भी होंगे कि उन्हें भी तीर लग सकता है और उनके साथी की सुरक्षा की चिंता भी करते होंगे।

Solution Steps

  1. Step 1: पाठ की स्थिति को समझें - हंस को तीर लगा और वह घायल होकर गिरा

  2. Step 2: कल्पना करें कि अन्य हंस क्या महसूस कर रहे होंगे - भय, चिंता, दुख

  3. Step 3: उनकी बातचीत में भय व्यक्त करना, साथी की चिंता करना, और सुरक्षा के बारे में चर्चा करना शामिल होगा