चित्रकथा के अनुसार काननपुर का राजा बहुत बुद्धिमान था। क्या आप इस बात से सहमत हैं? आपको ऐसा क्यों लगता है?
हाँ, मैं इस बात से सहमत हूँ कि काननपुर का राजा बहुत बुद्धिमान था।
राजा ने अपने पुत्र के लिए सलाहकार चुनने के लिए एक चतुर योजना बनाई। उसने दरबारियों को नकली हीरे दिए और एक साधारण सा प्रश्न पूछा।
उसने देखा कि कौन ईमानदारी से उत्तर देता है और कौन खुशामद करता है।
जिस दरबारी ने सच बोला, उसे असली हीरा मिला और वह पुत्र का सलाहकार बना। राजा ने झूठे और ईमानदार व्यक्ति को पहचानने की बुद्धिमत्ता दिखाई।
Explanation
पाठ में राजा की बुद्धिमत्ता कई जगह दिखती है। वह जानता था कि दरबारी उसे खुश करने के लिए झूठ बोलेंगे। उसने नकली हीरे देकर उनकी परीक्षा ली और सही व्यक्ति को चुना।
Solution Steps
राजा ने पुत्र के लिए सलाहकार चुनने हेतु चतुर योजना बनाई
दरबारियों को नकली हीरे देकर उनकी परीक्षा ली
ईमानदार और खुशामद करने वाले दरबारियों की पहचान की
सच बोलने वाले दरबारी को असली हीरा और सलाहकार पद मिला